संक्षिप्त उत्तर

उनकी बहुत सी भविष्यवाणियाँ सच हुईं। पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) ने उन्हें मदीना में कहा, जब बहुत से मुसलमान ग़रीब थे और अरब के रास्ते असुरक्षित थे। उन्होंने अदी बिन हातिम से कहा कि एक दिन एक स्त्री इराक़ से काबा तक यात्रा करेगी और अल्लाह (﷾) के सिवा किसी से नहीं डरेगी। उन्होंने जोड़ा कि फ़ारसी सम्राट के ख़ज़ाने खोले जाएँगे। अदी ने जीते जी दोनों देखे। पैगंबर (ﷺ) ने यह भी कहा कि शायद अल्लाह (﷾) उनके छोटे नवासे हसन के द्वारा मुसलमानों के दो गुटों के बीच सुलह कराएगा। पैगंबर (ﷺ) की मृत्यु के लगभग तीस साल बाद, हसन ने ठीक यही किया। उन्होंने मिस्र और यरूशलेम की विजय की भविष्यवाणी भी की। बाइबिल किसी नबी को इससे परखती है कि उसके शब्द सच होते हैं या नहीं, और क्या वह लोगों को एक परमेश्वर की ओर बुलाता है। वह दोनों परीक्षाओं में सफल होते हैं। इसलिए इस्लाम का उत्तर है कि वह अल्लाह (﷾) की वह्य से बोलते थे।

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