संक्षिप्त उत्तर

नहीं। ईसाई धर्म मध्य पूर्व में शुरू हुआ, उन यहूदियों के बीच जो अरामी (यीशु की क़ौम की भाषा) बोलते थे। यीशु वहीं पैदा हुए, वहीं रहे और वहीं उपदेश दिया, और वे कभी यूरोप नहीं गए। उन्होंने कहा कि वे केवल “इस्राएल के घराने की खोई हुई भेड़ों” के पास भेजे गए। इब्राहीम ऊर से आए, और मूसा मिस्र में पैदा हुए। इसलिए हर वह पैगंबर जिसका एक पश्चिमी ईसाई सम्मान करता है, मध्य पूर्व का व्यक्ति था। कोई धर्म कहाँ शुरू हुआ, इससे वह सच्चा या झूठा नहीं हो जाता। मायने यह रखता है कि क्या ईश्वर (﷾) ने उसे कहा। इस्लाम यूरोप के लिए भी विदेशी नहीं है। मुसलमान लगभग तेरह शताब्दियों से यूरोप में रहते आए हैं, और बाल्कन और रूस में यूरोप की मूल निवासी पूरी की पूरी क़ौमें मुसलमान हैं। इस्लाम का उत्तर यह है कि पूर्व और पश्चिम दोनों ईश्वर (﷾) के हैं, और पैगंबर (ﷺ) सारी मानवजाति की ओर भेजे गए।

पूरी व्याख्या पढ़ें

अपने सहेजे गए पृष्ठ देखें