संक्षिप्त उत्तर

कोई निश्चित रूप से नहीं जानता। नए नियम के चार सुसमाचारों (यीशु के जीवन के बारे में किताबें) में से कोई भी अपने पाठ में अपने लेखक का नाम नहीं लेता। ‘मत्ती के अनुसार’ जैसे शीर्षक बाद में जोड़े गए। मत्ती बारहों में से एक थे, फिर भी उनके नाम वाला सुसमाचार उनके अपने बुलाए जाने की कहानी लगभग शब्दशः मरकुस से नक़ल करता है। मरकुस बारहों में से नहीं थे। ज़्यादातर आलोचनात्मक विद्वान मानते हैं कि चारों में से कोई भी किसी प्रत्यक्षदर्शी ने नहीं लिखा। लूका कहता है कि उसने वह इकट्ठा किया जो दूसरों ने आगे पहुँचाया। इसलिए सुसमाचार चर्च की परंपरा पर टिके हैं, ख़ुद किताबों पर नहीं। इस्लाम मानता है कि ईश्वर (﷾) ने ईसा को इंजील दी, वह सुसमाचार जिसका प्रचार उन्होंने किया। क़ुरआन पैगंबर (ﷺ) के जीवनकाल में ऐसे लिखने वालों ने लिखा जिनके नाम ज्ञात हैं।

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