संक्षिप्त उत्तर

ईश्वर (﷾) को किसी ने नहीं बनाया। ईश्वर (﷾) के पक्ष का तर्क कभी नहीं कहता कि हर चीज़ को एक बनाने वाला चाहिए। वह कहता है कि जो चीज़ किसी और पर निर्भर है, उसे किसी ऐसी चीज़ की ज़रूरत है जिस पर वह निर्भर हो। जो सत्ता किसी पर निर्भर नहीं, उसे किसी कारण की ज़रूरत नहीं। कल्पना कीजिए कि एक आदमी क़र्ज़ का इंतज़ार कर रहा है, जहाँ हर क़र्ज़ देने वाले को पहले अगले से उधार लेना पड़ता है। अगर कतार में किसी के पास पैसा नहीं, तो उसे कभी पैसा नहीं मिलता, कतार कितनी भी लंबी हो। किसी के पास पैसा बिना उधार लिए होना चाहिए। यह पूछना कि उस व्यक्ति को किसने उधार दिया, मामले को ग़लत समझना है। जिस ईश्वर (﷾) का कोई बनाने वाला हो, वह ईश्वर (﷾) नहीं होगा, और उसके बनाने वाले के सामने भी वही प्रश्न होगा। पैगंबर (ﷺ) ने इस वसवसे को पहले से देख लिया था। उन्होंने ईमान वालों से कहा कि इससे अल्लाह (﷾) की शरण माँगें और रुक जाएँ, क्योंकि इस प्रश्न का कोई जवाब नहीं। इस्लाम का जवाब अल्लाह (﷾) है, जिसे किसी चीज़ की ज़रूरत नहीं, जबकि बाकी हर चीज़ को उसकी ज़रूरत है।

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