संक्षिप्त उत्तर

मरयम पर व्यभिचार का आरोप इस्लाम से बहुत पहले लगाया गया। यह आरोप मूर्तिपूजक लेखक सेल्सस में और बेबीलोनी तल्मूद में मिलता है। क़ुरआन इसे “घोर आरोप” कहता है (4:156)। लगभग 175-180 ई. में सेल्सस एक यहूदी वक्ता से कहलवाता है कि यीशु की माता ने “पैंथेरा नाम के एक सैनिक से एक बच्चे को जन्म दिया”। तोसेफ़्ता, लगभग तीसरी शताब्दी का एक रब्बीनी संग्रह, “येशुआ बेन पंतेरा” की बात करता है, पर उनकी माता की नहीं। बेबीलोनी तल्मूद बेन स्तादा या बेन पंदीरा नाम के एक आदमी के बारे में बताता है, जिसकी माता का नाम मिरियम था। एक बेबीलोनी कथन उसके उपनाम को समझाता है: “यह अपने पति से भटक गई”। तल्मूद की एक पांडुलिपि उसे “यीशु नासरी” कहती है। क़ुरआन इस आरोप का उत्तर देता है। ईश्वर (﷾) ने मरयम को चुना और पवित्र किया (3:42)। उनका बेटा उसके आदेश से पैदा किया गया, जैसे आदम पैदा किए गए (3:59)।

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