संक्षिप्त उत्तर

नहीं। आलोचक अक्सर दोनों की तुलना करते हैं: दोनों ने कहा कि एक फ़रिश्ता उनके पास ईश्वर (﷾) का वचन लाया, और दोनों ने एक समुदाय बनाया। पर दो लोग एक जैसा दावा करके भी उसकी हर परीक्षा में अलग हो सकते हैं। क़ुरआन पैगंबर (ﷺ) के जीवनकाल में ही ऊँची आवाज़ में पढ़ा गया, याद किया गया और लिखा गया, और उसका पाठ नहीं बदला। मॉरमन की पुस्तक की पट्टियाँ एक स्वर्गदूत वापस ले गया। जोसफ स्मिथ के कुछ प्रकाशन छपने के बाद फिर से लिखे गए। क़ुरआन ने रूमियों की जीत की भविष्यवाणी की “कुछ वर्षों में”, और वह हुई। जोसफ स्मिथ ने कहा कि मिसूरी में एक मंदिर “इसी पीढ़ी में बनाया जाएगा”, और वह नहीं बना। हर दावे को उसके प्रमाण से परखो, उसकी रूपरेखा से नहीं।

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