संक्षिप्त उत्तर

हाँ। आयत यह नहीं कहती कि मकड़ी का रेशम कमज़ोर है। वह कहती है कि मकड़ी का घर सब घरों से कमज़ोर है। अरबी शब्द बैत है, जिसका अर्थ है घर। घर का काम पनाह और सुरक्षा देना है। मकड़ी का रेशम अपने वज़न के हिसाब से बहुत मज़बूत है। पर कोने में दिखने वाला जाला धूप, हवा, बारिश या ठंड से कोई पनाह नहीं देता। एक डंडी या हवा का एक झोंका उसे गिरा देता है। कुछ प्रजातियों में भीतर रहने वाला परिवार तक सुरक्षित नहीं है। मादा नर को खा सकती है, और कुछ में बच्चे अपनी माँ को खा जाते हैं। क़ुरआन की बात सीधी है: ईश्वर (﷾) के सिवा किसी और संरक्षक पर भरोसा करना ऐसे घर में रहने जैसा है। इस्लाम का जवाब है कि केवल ईश्वर (﷾) पर भरोसा करो।

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