संक्षिप्त उत्तर

नहीं। भजन 22 का शीर्षक है दाऊद का भजन, और यह बचाए जाने की प्रार्थना है, किसी मृत्यु की भविष्यवाणी नहीं। बोलने वाले का मज़ाक उड़ाया जाता है और उसे ऐसे दुश्मन घेरे हुए हैं जिन्हें वह सांड, सिंह और कुत्ते कहता है। वह परमेश्वर से उसे छुड़ाने की विनती करता है, और भजन इस पर समाप्त होता है कि परमेश्वर ने उसकी सुन ली। ईसाई जिस वाक्य को सबसे ज़्यादा उद्धृत करते हैं, “वह मेरे हाथ और मेरे पैर छेदते हैं”, वह यहूदी पाठ में “सिंह के समान, वे मेरे हाथों और मेरे पैरों पर हैं” है। विद्वान आज भी इस शब्द पर बहस करते हैं। सुसमाचार इस भजन को पुकार और कपड़ों के लिए उद्धृत करते हैं, पर इस वाक्य को कभी नहीं। पूरा पढ़ने पर यह भजन एक धर्मी व्यक्ति के बारे में है जिसे परमेश्वर ने उसके दुश्मनों से बचा लिया। यही बात क़ुरआन ईसा (यीशु) के बारे में कहता है: उन्होंने न उन्हें क़त्ल किया और न सूली पर चढ़ाया, और अल्लाह (﷾) ने उन्हें अपनी ओर उठा लिया।

पूरी व्याख्या पढ़ें

अपने सहेजे गए पृष्ठ देखें