संक्षिप्त उत्तर

यह नाम लेने का एक तरीक़ा है, कोई ग़लती नहीं। अरबी में ‘का भाई’ या ‘की बहन’ का अर्थ उसी वंश का कोई व्यक्ति हो सकता है। नजरान के ईसाइयों ने यह सवाल पैगंबर (ﷺ) के जीवनकाल में ही उठाया। उन्होंने उत्तर दिया कि लोग अपने बच्चों के नाम अपने से पहले के नबियों और नेक लोगों के नाम पर रखते थे। तो “हारून की बहन” का अर्थ हो सकता है कि उनका एक भाई था जिसका नाम नबी हारून के नाम पर रखा गया था। इसका अर्थ हारून के वंश की एक स्त्री भी हो सकता है। दोनों तरह से, यह उन्हें मूसा की बहन नहीं बनाता। बाइबिल भी इसी तरह बोलती है। वह यीशु को दाऊद की सन्तान कहती है, जो उनसे एक हज़ार साल पहले रहे। वह कहती है कि मरियम की अपनी कुटुम्बिनी इलीशिबा हारून के वंश की थीं। क़ुरआन ख़ुद कहता है कि मूसा और ईसा के बीच बहुत-से रसूल आए, इसलिए वह मरयम को मिरयम से नहीं मिलाता। इस्लाम का उत्तर है कि यह नाम लेने का एक आम तरीक़ा है।

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