संक्षिप्त उत्तर

हाँ। निर्गमन कहता है कि आकाश और पृथ्वी बनाने के बाद परमेश्वर ने विश्राम किया और अपना जी ठण्डा किया। उत्पत्ति बताती है कि याक़ूब रात भर मल्लयुद्ध करते रहे और उनसे कहा गया कि वे परमेश्वर से युद्ध करके प्रबल हुए हैं। परमेश्वर आकाश में धनुष रखता है ताकि वह अपनी वाचा (अपना गंभीर वचन) स्मरण करे। एक भजन (बाइबिल की एक प्रार्थना-गीत) परमेश्वर से जागने की दुहाई देता है और पूछता है कि वह क्यों सोता है। दूसरा कहता है कि वह ऐसे जागा जैसे दाखमधु पीकर ललकारता कोई आदमी। बाइबिल इन शब्दों को पवित्रशास्त्र के रूप में रखती है। क़ुरआन कभी ईश्वर (﷾) को थका हुआ, सोया हुआ या याद दिलाए जाने का मोहताज नहीं बताता। वह कहता है कि आकाशों और धरती को पैदा करने में उसे कोई थकान नहीं हुई। न उसे ऊँघ पकड़ती है न नींद। वह कभी नहीं भूलता, और कभी अपना वादा नहीं तोड़ता। उसके जैसी कोई चीज़ नहीं।

पूरी व्याख्या पढ़ें

अपने सहेजे गए पृष्ठ देखें