संक्षिप्त उत्तर

नहीं। मत्ती और लूका दो ऐसी कहानियाँ बताते हैं जो दोनों सच नहीं हो सकतीं। मत्ती में यीशु का जन्म तब होता है जब हेरोदेस राजा है। परिवार मिस्र भाग जाता है और हेरोदेस के मरने तक वहीं रहता है। लौटते समय वे यहूदिया से बचते हैं, क्योंकि वहाँ हेरोदेस का बेटा अरखिलाउस राज करता है, और नासरत में बस जाते हैं। लूका में परिवार पहले से नासरत में रहता है। वे एक रोमी जनगणना के लिए बैतलहम जाते हैं, जो तब हुई जब क्विरिनियुस सीरिया का हाकिम था। जन्म के लगभग चालीस दिन बाद वे नासरत घर लौट जाते हैं। मिस्र भागने की कोई बात नहीं है। तारीख़ें भी टकराती हैं। पहली शताब्दी के यहूदी इतिहासकार जोसेफ़स कहते हैं कि क्विरिनियुस ने वह जनगणना अरखिलाउस के हटाए जाने के बाद की। यह हेरोदेस की मृत्यु के लगभग दस साल बाद था। क़ुरआन पुष्टि करता है कि ईसा का जन्म एक कुँवारी से हुआ। जो आपस में मेल नहीं खाते, वे सुसमाचार लेखकों के ब्योरे हैं।

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