संक्षिप्त उत्तर

एक प्रवचन में बुद्ध अपने भिक्षुओं से आम लोगों के सामने चमत्कार दिखवाने से इनकार करते हैं, और कहते हैं कि ऐसे प्रदर्शनों से उन्हें घृणा है। एक गृहस्थ ने एक चमत्कार माँगा था, ताकि नगर बुद्ध के प्रति और भी श्रद्धालु हो जाए। फिर भी भिक्षुओं के नियम-ग्रंथ में बुद्ध ख़ुद कस्सप नाम के एक अग्नि-पूजक तपस्वी के लिए एक के बाद एक चमत्कार करते हैं। उनमें से एक था उसका मन पढ़ना। हर चमत्कार के बाद कस्सप ने उस शक्ति को माना, और फिर भी ख़ुद को ज़्यादा पवित्र समझता रहा। उसने भिक्षु बनने को तभी कहा जब बुद्ध ने उससे साफ़ कह दिया कि वह पवित्र नहीं है। क़ुरआन में, जब लोग निशानियाँ माँगते हैं, तो पैगंबर (ﷺ) जवाब देते हैं कि निशानियाँ ईश्वर (﷾) के पास हैं, और वे एक सावधान करने वाले हैं।

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