संक्षिप्त उत्तर

हाँ। एक हज़ार से अधिक वर्षों तक ईसाई यूरोप का क़ानून लड़की की सगाई सात साल पर और शादी बारह साल पर होने देता था। जस्टिनियन के समय का रोमी क़ानून, कॉन्स्टेंटिनोपल के सम्राट और चर्च का अपना कैनन क़ानून, सब इन्हीं उम्रों को मानते थे। एक पोप ने फ़ैसला दिया कि लगभग ग्यारह या बारह साल की जो लड़की पत्नी के रूप में रह चुकी हो, उसे उसके पति से अलग नहीं किया जाना चाहिए। ईसाई राजाओं ने अपनी बेटियों की शादी छह, आठ और दस साल पर की। अंग्रेज़ी क़ानून 1929 तक बारह साल की लड़की को शादी की अनुमति देता था। बाइबिल ख़ुद शादी की कोई न्यूनतम उम्र तय नहीं करती। 2026 में भी अमेरिका के तैंतीस राज्य अठारह से कम उम्र में शादी की अनुमति देते हैं। इसलिए जो कोई पैगंबर (ﷺ) के आयशा से विवाह की निंदा करता है, वह पहले अपनी ही परंपरा की निंदा करता है।

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