संक्षिप्त उत्तर

हाँ, और सुसमाचार यही दिखाते हैं। अपनी सेवा के आरंभ में यीशु ने एक लकवे के रोगी से कहा कि उसके पाप क्षमा हुए। उन्होंने अपने अनुयायियों को सिखाया कि वे सीधे परमेश्वर से अपनी क्षमा माँगें। उन्होंने कहा कि परमेश्वर उन्हें क्षमा करता है जो दूसरों को क्षमा करते हैं। खोए हुए बेटे के उनके दृष्टांत में पिता दौड़कर अपने बेटे से मिलता है और उसे तुरंत क्षमा कर देता है। बेटे की जगह किसी को सज़ा नहीं मिलती। नबी भी यही कहते हैं। ईश्वर (﷾) ने नीनवे नगर को क्षमा किया जब वह अपने पापों से फिर गया। होशे नबी के द्वारा उसने कहा, “मैं बलिदान से नहीं, स्थिर प्रेम ही से प्रसन्न होता हूँ”। ईश्वर (﷾) सर्वशक्तिमान है और उसे क्षमा करने के लिए ख़ून की ज़रूरत नहीं। क़ुरआन कहता है कि अल्लाह (﷾) उसकी ओर लौटने वालों के सारे पाप क्षमा कर देता है। वह यह भी कहता है कि हज और ईद पर क़ुर्बान किए गए जानवरों का ख़ून अल्लाह (﷾) तक नहीं पहुँचता; केवल तक़वा पहुँचता है।

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