संक्षिप्त उत्तर

अंग्रेज़ी नाम और कुछ लोक-रिवाज बाइबिल के बाहर से आते हैं। 725 में लिखने वाले एक अंग्रेज़ भिक्षु बीड कहते हैं कि अंग्रेज़ों ने वसंत के एक महीने का नाम एक देवी, एओस्त्रे, के नाम पर रखा। वे कहते हैं कि अंग्रेज़ उस महीने में उसके लिए पर्व मनाते थे। एक कैथोलिक विश्वकोश कहता है कि ईस्टर के अंडे शायद वसंत के मूर्तिपूजक रिवाजों से आए हों। वह ईस्टर के खरगोश को उर्वरता का एक मूर्तिपूजक प्रतीक कहता है। इनमें से कुछ भी बाइबिल में नहीं है। 325 में सम्राट कॉन्स्टेंटाइन की बुलाई एक परिषद ने सारी कलीसियाओं से एक ही दिन मनाने को कहा। कोई रिवाज कहाँ से शुरू हुआ, इससे यह तय नहीं होता कि सच क्या है। मायने वह घटना रखती है जिसकी याद ईस्टर मनाता है। ईसाई इसे यीशु के उस मृत्यु के बाद जी उठने के लिए मनाते हैं जो उनके विश्वास के अनुसार उन्होंने सही। पर क़ुरआन उनके बारे में कहता है (4:157): “न उन्होंने उसे क़त्ल किया और न उसे सूली पर चढ़ाया”। इस्लाम के दो त्योहार अल्लाह (﷾) ने पैगंबर (ﷺ) के ज़रिए दिए, सम्राटों ने तय नहीं किए।

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