संक्षिप्त उत्तर

नहीं। यूहन्ना 1:1 पहले कहता है कि “वचन परमेश्वर के साथ था”, इसलिए वचन वह परमेश्वर नहीं है जिसके साथ वह था। यूनानी में दूसरे ‘परमेश्वर’ के साथ उपपद (अंग्रेज़ी ‘the’ के लिए शब्द) नहीं है। पुरानी यूनानी प्रतियाँ बड़े और छोटे अक्षरों में अंतर नहीं करती थीं। इसलिए ‘God’ (परमेश्वर) छापना या ‘god’ (देवता) छापना अनुवादक का चुनाव है। विद्वान जेम्स मॉफ़ेट और एडगर गुडस्पीड ने लिखा “लोगोस दिव्य था” और “वचन दिव्य था”। बाइबिल ‘परमेश्वर/देवता’ शब्द लोगों के लिए भी प्रयोग करती है। परमेश्वर ने मूसा से कहा, “मैं तुझे फ़िरौन के लिए परमेश्वर सा ठहराता हूँ”। स्वयं यीशु ने एक पद उद्धृत किया जो मनुष्यों को देवता कहता है। जो उपाधि बाइबिल मूसा को देती है, वह यह साबित नहीं कर सकती कि कोई व्यक्ति वही एक परमेश्वर है। इस्लाम का जवाब क़ुरआन में है, जो ईसा को ईश्वर की ओर से एक शब्द कहता है, जो उसके आदेश “हो जा” से पैदा किए गए।

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