संक्षिप्त उत्तर

हाँ। क़ुरआन कहता है कि दिलों को ईश्वर (﷾) की याद से संतुष्टि मिलती है। वह कहता है कि उससे मुँह फेरा हुआ जीवन तंग जीवन है। इस्लाम तीन तरह से शांति देता है। वह हर व्यक्ति को ईश्वर (﷾) से सीधा रिश्ता देता है, बीच में कोई पुरोहित नहीं। वह सिखाता है कि हर कठिनाई ईश्वर (﷾) को मालूम है और इनाम बन सकती है। और वह इंसान को पैसे और शोहरत के पीछे भागने से आज़ाद करता है, जो कभी तृप्त नहीं करते। पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) ने कहा कि असली अमीरी मन का संतोष है। आस्था और सेहत पर हुए शोध भी इसी ओर इशारा करते हैं: ज़्यादातर अध्ययन धार्मिक आस्था को ज़्यादा ख़ुशहाली और कम अवसाद से जोड़ते हैं। कैट स्टीवंस 1970 के दशक के सबसे जाने-माने गायकों में से एक थे। फिर भी वे ईश्वर (﷾) की ओर मुड़े, 1977 में मुसलमान बने और 2006 तक अपने पॉप करियर से दूर रहे।

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